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 Religare Finvest Sheds “Fraud” Tag: Rejuvenation Underway 

 Religare Finvest Sheds "Fraud" Tag: Rejuvenation Underway 

 Religare Finvest Sheds “Fraud” Tag: Rejuvenation Underway 

Headline: SBI Drops “Fraud” Label on Religare Finvest, Propelling its Turnaround

Subheading: High Court ruling paves the way for growth and market trust, as company strives for financial recovery.

State Bank of India (SBI) has finally erased the “fraud” tag against Religare Finvest Limited (RFL) from the Central Fraud Registry, following a Delhi High Court directive. This pivotal decision marks a crucial turning point in RFL’s arduous journey towards revival after years of hardship.

 Background: 

  • RFL, a subsidiary of Religare Enterprises Limited (REL), faced financial turmoil since 2017, accumulating staggering losses.
  • Large-scale fund diversion raised concerns, leading to an RBI-imposed Corrective Action Plan (CAP) in 2018.
  • A debt of Rs 5,300 crore to a lender consortium further clouded RFL’s future.

 The Turning Point: 

  • RFL emerged triumphant in March 2023, successfully securing over Rs 9,000 crore through organic collections and repayments, settling debts with 16 lenders.
  • Subsequently, RFL challenged the “fraud” tag in court, and the Delhi High Court ruled in their favor, directing SBI to remove it.

 Significance of the Development: 

  • This milestone signifies RFL’s unwavering commitment to overcome past challenges, as stated by Dr. Rashmi Saluja, Chairperson of REL and CMD of RFL.
  • CEO Pankaj Sharma expressed optimism that this decision unlocks avenues for strategic growth.
  • RFL boasts a healthy loan book of Rs 2,109 crore, with SMEs forming a significant segment.
  • The company seeks removal from the PCA list, another testament to its financial rehabilitation efforts.

 Moving Forward: 

SBI’s decision to unbrand RFL as “fraudulent” is a critical step towards its revival. This opens doors for RFL to expand, regain market trust, and focus on its core business activities. While significant progress has been made, further research is recommended to stay updated on RFL’s latest developments.

 Additional Notes: 

  • This rewrite emphasizes the positive aspects of RFL’s recovery, focusing on keywords like “turnaround,” “growth,” and “rejuvenation” to increase search engine visibility.
  • Concise sentences and a clear, engaging tone aim to attract reader interest.
  • The disclaimer acknowledges factual accuracy based on available information while encouraging further research.

 

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In Hindi – 

 रेलिगेयर फिनवेस्ट ने धोखाधड़ी के ठप्पे से छुटकारा पाया, पुनर्जन्म की राह पर 

 मुख्य खबर: एसबीआई ने रेलिगेयर फिनवेस्ट से हटाया धोखाधड़ी का लेबल, कंपनी की वापसी को रफ्तार देगा

 उप-शीर्षक:  दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले ने बाजार के भरोसे और कंपनी की वित्तीय सुधार की राह कायम की है.

 पृष्ठभूमि: 

  • रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (RFL), रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (REL) की सहायक कंपनी, 2017 से ही भारी नुकसान के साथ वित्तीय परेशानियों का सामना कर रही थी.
  • बड़े पैमाने पर फंडों के दुरुपयोग की चिंताओं के कारण 2018 में RBI ने सुधारात्मक कार्य योजना (CAP) लागू की.
  • 5,300 करोड़ रुपये का कर्ज भी RFL के भविष्य पर छाया हुआ था.

 मोड़ आया: 

  • मार्च 2023 में, RFL ने शानदार वापसी की, 9,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटाने में सफल रही, 16 उधारदाताओं के साथ कर्ज का निपटारा किया.
  • इसके बाद, RFL ने कोर्ट में “धोखाधड़ी” के टैग को चुनौती दी, और दिल्ली हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया, एसबीआई को इसे हटाने का निर्देश दिया.

 इस घटना का महत्व: 

  • यह घटना RFL की पिछली चुनौतियों से उबरने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जैसा कि REL की चेयरपर्सन और RFL की CMD डॉ. रश्मि सलूजा ने कहा है.
  • CEO पंकज शर्मा ने आशा व्यक्त की है कि यह फैसला कंपनी के रणनीतिक विकास के लिए द्वार खोलेगा.
  • RFL के पास 2,109 करोड़ रुपये का मजबूत लोन बुक है, जिसमें SME महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.
  • कंपनी पीसीए की लिस्ट से हटाने की कोशिश कर रही है, जो उसके वित्तीय सुधार के प्रयासों का एक और सबूत है.

 आगे की राह: 

  • एसबीआई का RFL को “धोखाधड़ी” मुक्त करार देना उसके पुनर्जन्म की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे RFL के विस्तार, बाजार विश्वास हासिल करने और अपने मुख्य कारोबारी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने का रास्ता खुल जाएगा.
  • हालांकि काफी प्रगति हुई है, लेकिन RFL के ताजा घटनाक्रमों से अपडेट रहने के लिए आगे और शोध की सिफारिश की जाती है.

 अतिरिक्त नोट: 

  • यह लेख RFL की रिकवरी के सकारात्मक पहलुओं पर जोर देता है, “पुनर्जन्म,” “विकास” और “सुधार” जैसे कीवर्ड्स पर ध्यान केंद्रित कर सर्च इंजन विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए.
  • छोटे वाक्य और स्पष्ट, आकर्षक लहजा पाठक की रुचि जगाने का लक्ष्य रखते हैं.
  • अस्वीकरण उपलब्ध जानकारी के आधार पर तथ्यात्मक सटीकता को स्वीकार करता है जबकि आगे के शोध को प्रोत्साहित करता है.

मुझे उम्मीद है कि यह संक्षिप्त और आसान हिंदी अनुवाद आपको इस लेख को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा.

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